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गेहूं अधिप्राप्ति : असफलता में भी सफलता का श्रेय ले रही बिहार सरकार- पैक्स प्रबंधक संघ

पटना (जागता हिंदुस्तान) बिहार में लॉक डाउन के दौरान गेहूं अधिप्राप्ति के लिए पैक्सों द्वारा संचालित पीडीएस दुकानों को निलंबित करने के बाद भले ही पैक्सो ने गेहूं अधिप्राप्ति के कार्य को बहिष्कार कर दिया हो लेकिन राज्य सरकार यह साबित करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है कि गेहूं अधिप्राप्ति का कार्य पैक्सों के सहयोग के बगैर ही बेहतर तरीके से चल रहा है।

दरअसल बिहार सरकार के कृषि मंत्री प्रेम कुमार और सहकारिता मंत्री राणा रणधीर ने एक निजी समाचार चैनल द्वारा आयोजित कार्यक्रम में साफ अपनी पीठ थपथपाते हुए साफ तौर पर कहा है कि अन्य माध्यमों से गेहूं अधिप्राप्ति के कार्य से किसानों को फायदा हो रहा है।

बिहार सरकार के कृषि मंत्री एवं सहकारिता मंत्री के बयान को लेकर बिहार प्रदेश पैक्स प्रबंधक संघ ने नाराजगी जताते हुए दोनों मंत्रियों के बयान की कड़े शब्दों में निंदा की है।

पैक्स प्रबंधक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अजय गुप्ता ने कहा है कि बिहार सरकार के मंत्री गण सरकार की नाकामी को छुपाने के लिए असफलता में भी सफलता का श्रेय ले रहे हैं,जो बेहद शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि इसका ताजा उदाहरण गेहूँ अधिप्राप्ति सफल न होने के बावजूद बीते कल (शुक्रवार, 29 मई) एक निजी समाचार चैनल पर कृषि मंत्री एंव सहकारिता मंत्री द्वारा असफलता को छुपाते हुए यह कहना कि बिहार में गेहूँ अधिप्राप्ति हेतु सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य 1925 रू. से अधिक मूल्य किसानों को अन्य माध्यम अर्थात व्यापारियों से मिल रहा है, जिससे किसानों को फायदा हो रहा है।

अजय गुप्ता ने कहा कि मंत्रीगण के द्वारा ऐसा ब्यान देना बेहद शर्मनाक है एंव पैक्स प्रबंधक संघ, बिहार ऐसे बयान की घोर निंदा करता है ।

उन्होंने कहा कि बिहार सरकार द्वारा गेहूँ अधिप्राप्ति को प्राथमिकता के आधार पर करने के बहाने राज्य के पैक्सों/व्यापार मंडलों में संचालित जन वितरण प्रणाली दुकान को स्थगित किया गया जबकि दशकों से अधिप्राप्ति कार्य एंव जन वितरण प्रणाली दुकान संचालन एक साथ होता आ रहा था फिर भी सरकार द्वारा तुगलकी फरमान जारी किया गया। वहीं, सरकार के मंत्री गण का ऐसा ब्यान देना कि सरकार की उपलब्धि है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य से अधिक किसानों को व्यापारियों से मिल रहा है, तो पैक्स/व्यापार मंडल के जन वितरण प्रणाली दुकान को प्राथमिकता के आधार पर गेहूँ अधिप्राप्ति करने के नाम पर स्थगित क्यों किया गया? जबकि मंत्री गण इसके साथ यह नहीं बता रहे हैं कि पैक्स/व्यापार मंडल में संचालित जन वितरण प्रणाली दुकान को सरकार द्वारा स्थगित करने के कारण संयुक्त रूप से पैक्स प्रबंधक संघ, बिहार एंव राज्य के सभी पैक्स अध्यक्ष गण द्वारा गेहूँ अधिप्राप्ति का बहिष्कार किया गया है, जिसकी सूचना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, सहकारिता मंत्री एंव विभाग को संघ द्वारा दी गई थी ,जिसके कारण गेहूँ अधिप्राप्ति पूर्णत: असफल है। सरकार से इस तुगलकी फरमान को वापस लेने हेतु यानि जन वितरण प्रणाली दुकान को पैक्सों/व्यापार मंडल मे पुन: संचालित करने हेतु लगातार सरकार से अनुरोध किया गया किंतु परिणाम शून्य रहा । अंतत: पैक्स प्रबंधक संघ, बिहार द्वारा पटना उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा, जिसकी अगली सुनवाई 17 जुलाई को है।

पैक्स प्रबंधक संघ ने सीधे तौर पर चेतावनी देते हुए कहा है कि नीतीश सरकार को इसका खामियाजा बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में भुगतना पड़ेगा।

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