महिला सशक्तिकरण के लिए सीएम नीतीश ने किए ऐतिहासिक कार्य, न्याय के साथ कानून का राज किया स्थापित- अंजुम आरा

पटना (जागता हिंदुस्तान) मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महिला सशक्तिकरण के लिए ऐतिहासिक कार्य किए हैं, जिसे उन्होंने “विजन एवं मिशन” के तौर पर शुरु किया। 2005 के पहले बिहार में जंगलराज के कारण बिहार की बेटियाँ स्कूलों में नहीं जा पातीं थीं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसके लिए विशेष पहल करते हुए पोशाक एवं साइकिल योजना की शुरुआत की तथा न्याय के साथ विकास एवं कानून का राज स्थापित किया।

उन्होंने कहा कि पोशाक एवं साइकिल योजना ने बेटियों के बीच में वर्ग विभेद खत्म कर उनके अंदर निर्णय,आत्मविश्वास एवं नेतृत्व के बीच डालें। महिलाओं के सामाजिक आर्थिक राजनीतिक एवं सांस्कृतिक विकास के लिए बिहार राज्य महिला सशक्तिकरण नीति लागू किया। पंचायती राज संस्थाओं, नगर निकायों एवं प्राथमिक शिक्षक नियोजन में 50 फ़ीसदी का आरक्षण दिया गया, साथ ही साथ सरकारी सेवाओं में महिलाओं को 35 फ़ीसदी आरक्षण दिया है।

अंजुम आरा ने कहा कि आज पूरे देश में सबसे अधिक बिहार पुलिस में महिलाएं हैं। जीविका में महिला स्वयं सहायता समूह गठन से उनके अंदर आत्मविश्वास एवं आत्म निर्भरता बढ़ी है।

जदयू प्रवक्ता ने कहा कि यह सामाजिक मौन क्रांति है, जो सामाजिक परिदृश्य के बदलाव की सूचक बनी है। नीतीश कुमार ने सामाजिक कुरीतियों शराब, बाल विवाह एवं दहेज प्रथा, जिससे सीधे तौर पर महिलाएं प्रताड़ित होती थी, के खिलाफ अभियान चलाया है। वह ऐसे नेता हैं, जिन्होंने सामाजिक कुप्रथा के खत्म करने का राजनीतिक एजेंडा लागू किया। यह स्पष्ट है कि बिहार की बेटियों के लिए नीतीश कुमार से बड़ा वकील कोई नहीं।

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