कोका कोला इंडिया ने लॉन्च की ‘उन्नति लीची’ परियोजना, कृषि मंत्री ने बताया बिहार के लिए ऐतिहासिक दिन

पटना (जागता हिंदुस्तान) तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में उन्नति मध्यस्थताओं की सफलता के बाद कोका कोला इंडिया ने गुरुवार को देहात, नेशनल रिसर्च सेंटर ऑन लीची (एनआरसीएल) और केडिया फ्रेश के साथ मिलकर बिहार में ‘उन्नति लीची’ को लांच किया। लॉन्चिंग कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर बिहार सरकार के कृषि मंत्री डॉ. प्रेम कुमार शामिल हुए। इस अवसर पर कृषि मंत्री ने ‘उन्नति लीची’ लॉन्च करने को लेकर कोका कोला इंडिया, देहात और एनआरसीएल के पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि जैसा कि बताया गया है कि इस परियोजना में कोका कोला इंडिया की ओर से 1.7  बिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 121 अरब रुपये) का निवेश किया जाएगा। कृषि मंत्री ने कहा कि लीची बिहार राज्य का एक महत्वपूर्ण फसल है और क्षेत्र में उन्नति लीची परियोजना किसानों के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगा। उन्होंने कहा कि आज का दिन बिहार के लिए ऐतिहासिक है। इसके साथ ही कृषि मंत्री ने कोका कोला इंडिया को आश्वस्त किया कि सरकार इस मामले में जो भी संभव मदद होगी उसके लिए तैयार है।

उन्नति लीची लॉन्चिंग को लेकर कोका कोला इंडिया एंड साउथ वेस्ट एशिया के पब्लिक अफेयर्स, कम्युनिकेशंस एंड सस्टेनेबिलिटी के वाइस प्रेसिडेंट इश्तियाक अमजद ने कहा कि हम देश के विभिन्न फलों के लिए अच्छी कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। लीची की खेती बिहार में सबसे अधिक होती है और इस कारण इस राज्य की बड़ी आबादी को रोजगार मिलता है। उन्होंने कहा कि हम अपने फल आधारित पेयों के माध्यम से स्थानीय आधार पर उगने वाले फलों की मांग निर्मित करना, देश की कृषि पारिस्थितिकी में निवेश करना और उन्नति परियोजनाओं के माध्यम से सीधे किसानों के साथ काम करना जारी रखेंगे। इश्तियाक अमजद ने कहा कि हम किसानों की आय बढ़ाने और उनके रहन-सहन का स्तर ऊंचा उठाने के लिए उनकी मदद करते रहेंगे।

वहीं कोका कोला इंडिया के फ्रूट सर्कुलर इकोनामी के वाइस प्रेसिडेंट असीम पारेख ने कहा कि भारत दुनिया में लीची का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है। भारत में लीची की खेती में 50% हिस्सेदारी बिहार और पश्चिम बंगाल की है, जहां बिहार लीची का सबसे बड़ा उत्पादक है। पारेख ने कहा कि लीची की खेती की पारंपरिक पद्धति के अलावा आधुनिक प्रौद्योगिकी और जेएपी को अपनाने से बिहार में लीची का उत्पादन दोगुना हो सकता है। उन्होंने कहा कि बिहार में उन्नति लीची उस दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। पारेख ने कहा की कोका कोला इंडिया और उसके भागीदार भारत की फ्रूट सर्कुलर इकोनामी के विकास के लिए 1.7 बिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 121 अरब रुपये) का निवेश कर मजबूत एवं महत्व श्रृंखलाओं के निर्माण के मार्ग पर बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिहार में प्रोजेक्ट उन्नति लीची की शुरुआत के बाद यह पहल पश्चिम बंगाल और उड़ीसा जैसे राज्यों में भी होगी।

बता दें कि यह पहल उच्च घनत्व वाले पौधारोपण, कृषि की अच्छी पद्धतियों के लिए किसानों के प्रशिक्षण और उपयुक्त प्रौद्योगिकी मध्यस्थताओं के माध्यम से नमूने के बागों के निर्माण के आधार पर कृषि महत्व श्रृंखला की क्षमता बढ़ाने और किसान की क्षमता निर्माण पर लक्षित है। इस पहल का शुरुआती चरण मुजफ्फरपुर समस्तीपुर और वैशाली जिलों में लॉन्च किया गया है, जो राज्य में लीची की खेती के बड़े केंद्र है। उगाने से लेकर पैकेजिंग तक संपूर्ण महत्त्व श्रृंखला को संजोने वाले उन्नति लीची का लक्ष्य 80,000 से अधिक किसानों को मौजूदा बागों के पुनर्जीवन, लगभग 3,000 एकड़ के पुराने और जीर्ण खेतों को तरोताजा करने और लीची का उत्पादन दोगुना करने के लिए उच्च घनत्व वाले पौधारोपण जैसी आधुनिक तकनीकों की पेशकश पर शिक्षित और प्रशिक्षित करना है।

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