सर! ये वही रोटी है जो मुझे खाने के लिये मिलती है, जेल की जली रोटी लेकर कोर्ट पहुंचे कैदी का छलका दर्द
स्टेट डेस्क (जागता हिंदुस्तान) बेगूसराय जेल में बंद एक कैदी ने जेल के खानपान की न्यायाधीश के सामने ना केवल पोल खोल दी, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर दिया। बेगूसराय के जिला विधिक सेवा प्राधिकार सचिव सतीश झा से गुहार लगाने जेल से खाने में मिली जली रोटी लेकर पहुंचे कैदी ने जेल के कुव्यवस्था की कहानी बताई।
सर, ये वही रोटी है जो मुझे खाने के लिए मिलती है. ये रोटी जानवर भी नहीं खा पाएगा. जेल में कैदियों को जानवरों से भी बदतर खाना खिलाया जा रहा है. जेल प्रशासन कैदी को कच्ची रोटी देता है या फिर जली हुई” जेल की अन्य व्यवस्था भी बदतर है, बीमार पड़ने पर इलाज भी सही ढग से नहीं होता”
दरअसल, वीरपुर थाना क्षेत्र के हामोडीह निवासी कैदी रामजपो यादव पेशी के दौरान जेल की रोटी लेकर कोर्ट पहुंचे और जेल में दिए जा रहे खाना को घटिया बताते हुए न्यायालय से पहल करने की मांग की है। उसने इस दौरान भोजन व्यवस्था में गड़बड़ी सहित कई चीजों की तरफ़ भी ध्यान दिलाया। कैदी का कहना था कि न्यायालय और प्रशासन के अधिकारी व्यवस्था के संबंध में पूछताछ के लिए जेल के अंदर आते हैं, लेकिन तब कुछ भी कहना मुश्किल है, क्योंकि अधिकारी के जाते ही पिटाई होनी तय रहती है।
जब मौके पर मौजूद जेल कर्मियों से रोटी जेल से किस परिस्थिति में बाहर आने के संबंध में पूछा गया तब कोई भी सामान बाहर से आने से पुलिसकर्मियों ने इनकार किया। वहीं रोटी लेकर पहुंचे कैदी का कहना था कि कागज में लपेट रोटी थैला में लेकर वह जेल से निकला है। यदि सीसीटीवी की जांच की जाए तो बड़ा खुलासा होगा। मामले का खुलासा होने पर उसने अपने साथ जेल में कुछ भी हो जाने की बातें भी प्राधिकार के सचिव से कही है।
मिली जानकारी के मुताबिक, जेल में घटिया खाना एवं समुचित इलाज नहीं मिलने को लेकर रामजपो यादव के पुत्र चंदन कुमार ने बेगूसराय सीजेएम न्यायालय में जेल अधीक्षक समेत कई जेल कर्मियों पर परिवाद पत्र दाखिल किया है। इस पर सुनवाई चल रही है। इधर आज एडीजे पंचम के न्यायालय में रामजपो यादव की हाजरी थी और जेल से न्यायालय लाया गया था। इस दौरान वह सबूत के लिए जेल से जली रोटी साथ लेकर आया था।
उसने न्यायालय हाजत आते ही जिला विधिक सेवा प्राधिकार को आवेदन देकर जेल में कैदियों को दी जा रही घटिया खाना के संबंध में जानकारी दी।
प्राधिकार के सचिव सतीश झा ने आवेदन मिलते ही न्यायालय हाजत जाकर रामजपो यादव से पूरी जानकारी ली तथा सुरक्षा एवं भोजन के मामले की अति संवेदनशीलता को देखते हुए जल्दी से कार्रवाई शुरू कर दी है। फिलहाल, कोर्ट से लेकर जेल तक कैदी रामजपो के इस हिम्मत के कारण हड़कंप मच गया है।
