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अग्निवीरों के लिए IGNOU ने शुरू किया कौशल आधारित पांच स्नातक कार्यक्रम, जुलाई सत्र से दस नए प्रोग्राम भी शुरू

पटना । इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी यानी इग्नू के क्षेत्रीय निदेशक कक्ष में शुक्रवार को प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्रीय केन्द्र के साथ-साथ विश्वविद्यालय की पहल, गतिविधियों एवं उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी गई। बैठक की शुरूआत में क्षेत्रीय निदेशक डॉ. अभिलाष नायक ने सर्वप्रथम इस वर्ष के लिए सर्वोत्तम शिक्षार्थी सेवा एवं सामाजिक गतिविधियों में सफलतापूर्वक योगदान हेतु संपूर्ण भारतवर्ष में इस क्षेत्रीय केन्द्र को अव्वल स्थान प्राप्त होने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इसके जिसके

परिणामस्वरूप नामांकन में निरंतर वृद्धि हो रही है। नामांकन संख्या जो पिछले वर्ष 70 हजार से अधिक थी वह अभी 80 हजार पार कर गयी है। इस दौरान विश्वविद्यालय ने अनेक उपलब्धिया प्राप्त की है जिनमें जिनमें भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के साथ समझौता, अप्रचलित सामग्रियों की नीलामी के लिए इग्नू और मेटल एंड स्कार्प ट्रेड कारपोरेशन,
इस्पात मंत्रालय के साथ समझौता, 29 देशों में अंतराष्ट्रीय छात्रों के लिए हिन्दी में बुनियादी जागरूकता पाठ्यक्रम की पेशकश के लिए इग्नू आईसीसीआर और केन्द्रीय हिन्दी निदेशालय के बीच त्रिपक्षीय समझौता, विदेश मंत्रालय की ई-विद्याभारती योजनाओं के तहत विदेशी देशों में ऑनलाइन कार्यक्रमों की पेशकश, अग्निवीरों के लिए 5 कौशल-आधारित
स्नातक कार्यक्रम हेतु समझौता प्रमुख है।

इसके उपरांत प्रत्येक शिक्षार्थी सहायता केन्द्रों विकलांगता वाले शिक्षार्थियों के लिए विकलांगता सेल एवं वर्चुअल केन्द्र की स्थापना । बैठक में इग्नू के छात्रों को दी जा रही सुविधाओं का विस्तार के संदर्भ में क्षेत्रीय निदेशक ने बताया कि इस विश्वविद्यालय के अनुसूचितजाति/जनजाति के छात्रों को तीन कार्यक्रमों में निःशुल्क नामांकन की सुविधा उपलब्ध करायी गयी है साथ ही महिला स्नातकों को बिहार सरकार की मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के तहत 50 हजार रूपया का वित्तीय प्रोत्साहन राशि के अलावे यहाँ के छात्र भारत सरकार एवं बिहार सरकार द्वारा प्रदत्त विभिन्न प्रकार के छात्रवृत्ति योजनाओं का लाभ भी उठा सकते है।

इसके अलावे दो सौ से कम नामांकन वाले कार्यक्रमों के लिए क्षेत्रीय केन्द्र परिसर में परामर्श सत्र की सुविधा प्रदान की जायेगी। इसके अलावे आइसीएआर, पटना एवं मगध शैक्षिक विकास संस्थान, पटना में प्रैक्टिकल हेतु प्रयोगशाला केन्द्र बनाये गये है। सुधा डेयरी में भी प्रैक्टिकल कार्य हेतु एक प्रयोगशाला केन्द्र की स्थापना की जा रही है। पर्यावरण योगा पटना के सहयोग से क्षेत्रीय केन्द्र परिसर में औषधी वाटिका बनायी गयी है। उन्होंने बताया गया कि यूजीसी के मानदंडों के अनुसार किसी भी नियमित विश्वविद्यालय या मुक्त और दूरस्थ शिक्षा विश्वविद्यालय के शिक्षार्थि अपने कैरियर को आगे बढ़ाने और अपनी रोजगार क्षमता बढ़ाने के लिए एक साथ दो कार्यक्रम अपना सकते है।

उन्होंने बताया कि क्षेत्रीय केन्द्र परिसर मे अवस्थित केन्द्र में अनेक नये कार्यक्रम बढाये गये है। उन्होंने बताया कि इग्नू ने जुलाई सत्र में दस नये प्रमुख कार्यक्रम की शुरूआत की है जिनका नामांकन शुरू हो चुकी है।

साथ ही अग्निवरों के लिए कौशल-आधरित 5 कार्यक्रमों की भी शुरूआत की गयी है। उन्होंने बताया कि कम नामांकन वाले कार्यक्रमों के लिए केन्द्रीकृत परामर्श की सुविधा मुहैया की जायेगी एवं 43 ऑनलाइन पाठ्यक्रमों के शिक्षण प्रबंधन एंव सहायता सेवा प्रदान करने हेतु अधिकृत की गयी है। उन्होनं आगे बताया कि स्वयंप्रभा चैनल माध्यम से 12 भारतीय भाषा में लाइव सत्र आयोजित की जा रही है। इसके तहत 5000 से अधिक लाइव सत्र आयोजित की जा चुकी है।

क्षेत्रीय निदेशक डॉ. अभिलाष नायक ने बताया कि अंशकालिक कर्मचारियों और अकादमिक परामर्शदाताओं के लाभ के लिए बिहार के तीनों क्षेत्रीय केन्द्र केन्द्रीकृत रूप से अभिविन्याश कार्यक्रम का आयोजन कर रही है। अंत में उन्होंने बताया कि क्षेत्र केन्द्र पटना के तहत इनोवेशन क्लब क्षेत्र में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए नवाचार और उद्यमिता
विभिन्न पहलुओं पर सत्र आयोजित कर रहा है।

इस अवसर पर संजया पटेल एवं राजेश कुमार शर्मा, उप-कुलसचिव तथा डॉ.शालिनी, डॉ. शैलिनी दीक्षित, डॉ. आसिफ इकबाल के साथ सभी सहायक क्षेत्रीय निदेशक एवं आनंद कुमार सहायक कुलसचिव मीडिया मौजूद रहे।

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