लैंड सर्वे सेटेलमेंट से भूमि विवाद का होगा समाधान- नीतीश कुमार

पटना (जागता हिंदुस्तान) 1 अणे मार्ग स्थित संकल्प में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समक्ष राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने प्रस्तुति दी। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव विवेक कुमार सिंह ने अपने प्रस्तुतीकरण में लैंड रिकॉर्ड, लैंड सर्वें एंड सेटलमेंट, लैंड कॉन्सिलिडेशन, लैंड एक्यूजिशन तथा लैंड सेटलमेंट पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस विशेष सर्वे से बिहार में भूमि व्यवस्था सुदृढ़ होगी और भूमि से संबंधित कई प्रकार की समस्याओं का समाधान होगा।

प्रस्तुतीकरण में सर्वे ऑपरेशन की वर्तमान स्थिति की जानकारी, मैन पावर की उपलब्धता, परिमार्जन सॉफ्टवेयर के माध्यम से जमाबंदी को दुरुस्त करना, ऑनलाइन करेक्शन एवं सरजमीं सेवा के अंतर्गत कर्मचारी, अमीन की मॉनिटरिंग संबंधित अन्य जानकारी दी गई।

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि लैंड सर्वे सेटेलमेंट से भूमि विवाद से जुड़ी 80 प्रतिशत समस्यााओं का समाधान हो जायेगा। नया सर्वे सेटलमेंट में व्यावहारिक स्वरुप को ध्यान में रखते हुये काम किया जा रहा है। भूमि विवाद से जुड़ी समस्याओं के समाधान के उपाय किए जा रहे हैं। विधि व्यवस्था संबंधित समीक्षा से पता चलता है कि आज के समय में भूमि विवाद के कारण आपसी झगड़े एवं समाज में झंझट होता रहता है। इससे भी विधि व्यवस्था संबंधित समस्या उत्पन्न होती है। अतः जल्द से जल्द सर्वे सेटलमेंट का काम पूर्ण करें।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत जिनलोगों का नाम है लेकिन उनके पास जमीन नहीं है, उस योजना का लाभ उठाने के लिए लाभार्थी को मुख्यमंत्री वास स्थल क्रय योजना के अंतर्गत 60 हजार रुपए दिए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में जिनका नाम छूट गया है उन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए चलाए जा रहे जल-जीवन-हरियाली अभियान के अंतर्गत आहर, पईन, पोखर को अतिक्रमित कर बनाए गए मकानों को अतिक्रमणमुक्त कराया जा रहा है। राज्य सरकार ऐसे बेघर लोगों को जमीन खरीदने के लिए भी 60 हजार रुपए की राशि उपलब्ध करा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बात का अध्ययन कराने की जरुरत है कि यह सुविधा व्यवहारिक रुप से मिल पा रही है या नहीं। इस योजना से लाभान्वित होने के लिए लोगों को प्रेरित करते रहने की जरुरत है। लाभार्थियों को लाभ देने के लिए जल्द से जल्द वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अंचलाधिकारी को निर्देशित करें और इस संबंध में उनके द्वारा भी बताए गए व्यवहारिक सुझाव पर गौर करें। उन्होंने कहा कि अंचल के स्तर पर सप्ताह में एक दिन थानेदार और अंचलाधिकारी की संयुक्त बैठक तथा 15 दिनों में एक बार अनुमंडल पदाधिकारी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी की संयुक्त बैठक एवं महीने में एक बार जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक की संयुक्त बैठक जमीन संबंधित समस्याओं के निपटारे के लिए नियमित रुप से होते रहनी चाहिए। इन सभी लोगों का एक बार वर्कशॉप भी कराएं। कार्यों के बेहतर संचालन एवं तेजी से निपटारे के लिए अगर पदाधिकारी एवं कर्मचारियों की और जरुरत है तो बहाली भी कराएं। टोपोलैंड संबंधित समस्याओं का भी समाधान के लिए विभागीय स्तर पर कार्य करें।

बैठक में राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री राम नारायण मंडल, मुख्य सचिव दीपक कुमार, विकास आयुक्त अरुण कुमार सिंह, अध्यक्ष राजस्व पर्षद त्रिपुरारी शरण, अपर मुख्य सचिव गृह एवं सामान्य प्रशासन आमिर सुबहानी, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव विवेक कुमार सिंह, वित्त विभाग के प्रधान सचिव श्री एस. सिद्धार्थ, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री चंचल कुमार, बिहार कर्मचारी चयन आयोग के अध्यक्ष रविंद्र कुमार, ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव अरविंद कुमार चौधरी, सचिव वित्त (व्यय) राहुल सिंह, सचिव वाणिज्य कर प्रतिमा एस. वर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह सहित अन्य वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।

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