लालू प्रसाद का डर दिखाना बंद करें नीतीश कुमार- पप्पू यादव

पटना (जागता हिंदुस्तान) विधानसभा चुनाव को लेकर बिहार में सियासी गहमागहमी तेज होने लगी है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। सभी राजनीतिक दल मौजूद संकट ले बीच खुद को दूध का धुला हुआ जबकि विरोधियों को तमाम गलतियों का जिम्मेदार ठहराने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनकी पार्टी जदयू द्वारा बिहार के पिछड़ेपन के लिए राजद सुप्रीमो व पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद और उनकी पत्नी राबड़ी देवी के शासनकाल को लगातार जिम्मेदार ठहराने और उस दौर को जंगलराज बताने को लेकर जन अधिकार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व सांसद पप्पू यादव ने राज्य सरकार पर बड़ा हमला किया है।

पप्पू यादव ने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि कोरोना संकट के दौरान 86 दिनों तक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने आवास से बाहर नहीं निकले। गरीब जनता को अपने हाथों से एक बोतल पानी तक नहीं दिया। इतना ही नहीं, जाप सुप्रीमो ने पटना जलजमाव की याद दिलाते हुए कहा कि उस दौरान भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 9 दिन बाद नजर आए। चमकी बुखार के कहर के दौरान भी 12 दिन बाद ही मुख्यमंत्री दिखे। पप्पू यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार और बिहारियों के सपनों को रौंद दिया है। और अब वह जब यह बात समझ चुके हैं कि जनता उन्हें इसका जवाब देगी तो वह लालू प्रसाद का डर दिखा रहे। पप्पू यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार के लोगों को लालू राज का डर दिखाना बंद करें।

जाप सुप्रीमो ने कहा कि जब राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद को बड़ा भाई बताकर नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने। जब लालू प्रसाद से गले मिले तब क्या राजद सुप्रीमो का चेहरा डरावना नहीं था। क्या मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लालू प्रसाद के बेटों का नाम नहीं जानते थे। लालू प्रसाद को बड़ा भाई मानकर जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सत्ता में आए तब क्या उनके पेट में दर्द नहीं हुआ। आज जब जनता मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से छुटकारा चाहती है तो इनके पास लालू प्रसाद के सिवा कोई मुद्दा नहीं है। जाप सुप्रीमो ने कहा कि लोकतंत्र में लोकलाज से चलता है। लालू प्रसाद ने गलती की तो जनता ने उसका जवाब दिया। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत तौर पर वह नीतीश कुमार का सम्मान करते हैं लेकिन मुख्यमंत्री के तौर पर नीतीश कुमार देशभर में सबसे निचले पायदान पर हैं।

इसके साथ ही पप्पू यादव ने कहा कि वह यह दावे के साथ कह सकते हैं कि लालू प्रसाद में व्यक्तिगत तौर पर किसी भी परिस्थिति में बिहार को लूटने की प्रवृत्ति नहीं थी। हालांकि उन्होंने कहा कि वह लालू परिवार के बात नहीं कर रहे और वह यह भी नहीं जानते कि आखिर किस परिस्थिति में लालू प्रसाद को खामोश होना पड़ा।

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