पैक्स प्रबंधक संघ ने सीएम नीतीश को लिखा पत्र, जनवितरण प्रणाली दुकान संचालन जारी रखने की लगाई गुहार

पटना (जागता हिंदुस्तान) पैक्सो द्वारा संचालित जन वितरण प्रणाली दुकान को धान एवं गेहूं अधिप्राप्ति कार्य जारी रखने तक नजदीकी जन वितरण प्रणाली दुकानों में संबंध करने के सरकारी आदेश को लेकर पैक्स प्रबंधक संघ में काफी रोष है। इस मामले को लेकर पैक्स प्रबंधक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अजय गुप्ता ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखकर पैक्सो द्वारा संचालित जन वितरण प्रणाली दुकान के संचालन को जारी रखने की गुहार लगाई है।

अजय गुप्ता ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लिखे पत्र में कहा है कि खाद्य एंव उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव के पत्रांक 1658 दिनांक 19.04.2020 द्वारा पैक्सों/व्यापार मंडल द्वारा संचालित जन वितरण प्रणाली दुकान को धान/गेहूँ अधिप्राप्ति कार्य जारी रहने तक नजदीकी जन वितरण प्रणाली दुकानों में सम्बद्ध करने का फरमान जारी किया गया है, जो अनुचित ही नही बल्कि अन्यायपूर्ण है। उन्होंने कहा है कि पैक्सों में मुख्य रूप से सरकार द्वारा प्राथमिकता के आधार पर धान अधिप्राप्ति और जन वितरण प्रणाली दुकान संचालन का कार्य ही कराया जाता है। इसके बावजूद जन वितरण प्रणाली दुकान को भी पैक्सों में तत्काल बंद किया जा रहै है, जबकि धान अधिप्राप्ति कार्य दिनांक 30.04.2020 को संपन्न हो जाएगा।

अजय गुप्ता ने आगे कहा कि 90% पैक्सों मे SFC की जटिल प्रक्रिया एंव मनमानी के कारण गेहूँ अधिप्राप्ति नही होती है, इससे पैक्सों मे कार्यरत पैक्स प्रबंधकों के वेतन भुगतान की समस्या उत्पन्न होगी। चूंकि सरकार द्वारा इन प्रबंधकों को वेतन भुगतान नही किया जाता है और दूसरी तरफ पैक्सों में आय के स्रोत अर्थात कमिशन की राशि के माध्यम को भी बंद किया जा रहै है, जिससे पैक्स प्रबंधकों के परिवार के सामने भुखमरी की समस्या और गंभीर होगी। उन्होंने कहा कि इससे पैक्स अध्यक्ष गण और प्रबंधकों में काफी नाराजगी है।

पैक्स प्रबंधक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अजय गुप्ता ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार संबोधित करते हुए कहा कि आपका पुन: ध्यान आकृष्ट कराना है कि कोरोना महामारी जैसी राष्ट्रीय आपदा में कृषि एंव पैक्स देश ही नही बल्कि पूरी दुनिया के भरण-पोषण का एक मात्र साधन है यानी पैक्सों के माध्यम से ही धान, गेहूँ, सरसों, दलहन इत्यादी फसल उत्पादनों का संग्रहण सरकार कर पाती है अन्यथा आज देश भूखमरी का सामना करता। इसके साथ ही केन्द्र एंव राज्य सरकार किसानों के आय को दुगुनी करने की वादा करती है, जिसका मात्र एक ही माध्यम है कि पैक्सों को अन्य राज्यों मे संचालित पैक्सों के भांति राज्य के पैक्सों को विकसीत करे अन्यथा सरकार की किसान की आय दुगुनी करने का वादा भी असफल होगा। अजय गुप्ता ने कहा कि आपके संज्ञान मे लाना चाहता हूँ कि अन्य राज्यो (हिमाचल प्रदेश, उतराखण्ड, राजस्थान इत्यादी) की तरह बिहार राज्य के पैक्सों द्वारा गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले जनता को सरकार पैक्सों के माध्यम से बैंकिग व्यवस्था के तहत एक लाख रूपये (1,00,000) तक का ब्याज मुक्त लोन दिया जाय एंव ब्याज सरकार स्वंय वहन करे। इसके साथ ही सरकार द्वारा पैक्सों को वृहत पैमाने पर विकसीत करने हेतु पैक्सों मे गैस एजेंसियों की व्यवस्था किया जाए, जिससे पंचायत स्तर पर आम जनता को आसानी से गैस ससमय उपलब्ध होगा और सरकार मक्का के खेती को भी बढ़ावा देकर पैक्सों के माध्यम से पशु आहार को ब्रान्ड के रूप मे किसान को पंचायत स्तर पर ही उपलब्ध करायी जाए एंव अन्य राज्यों मे भी आपूर्ति की जा सकती है, जिससे किसान की आर्थिक स्थित सुदृढ होगी, रोजगार का सृजन होगा और पैक्स वृहत पैमाने पर विकसीत होगा। इससे बिहार राज्य के पैक्स भी अन्य राज्यों के पैक्सों से बेहतर होगा अर्थात देश में रोल मॉडल भी होगा।

पैक्स प्रबंधक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अजय गुप्ता ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने की अपील की है। पत्र की प्रतिलिपि उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, सहकारिता मंत्री राणा रणधीर तथा खाद्य एंव उपभोक्ता मंत्री मदन साहनी को भी प्रेषित की गई है।

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