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काम की राजनीति करने वालों का AAP में स्वागत- सुशील सिंह


पटना (जागता हिंदुस्तान) बिहार में आम आदमी पार्टी के अध्यक्ष सुशील सिंह ने कमान संभालते ही बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुट गए हैं। प्रदेश कार्यालय, कृष्णापुरी पटना में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी आम आदमी पार्टी ने शुरू कर दी है। शुक्रवार-शनिवार को राजधानी पटना के प्रदेश कार्यालय में बैठक हुई जिसमें पार्टी के सीनियर नेताओ के साथ बिहार के सभी जिलों के कार्यकारणी सदस्य शामिल हुए।

बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर रणनीति तैयार की गई है। जो साथी चुनाव लड़ना चाहते हैं, वैसे साथियों को चुनाव की तैयारी में जुट जाने का निर्देश दिया गया है, वहीँ जो साथी, संगठन में रहकर पार्टी को मजबूत करना चाहते हैं, वैसे साथियों को विधानसभा स्तर पर पर्यवेक्षक बना कर भेजा जाएगा। पार्टी ने 9871010101 मिस्ड कॉल नम्बर जो राष्ट्र निर्माण के लिए जारी किया है।  राष्ट्र निर्माण के लिए ‘काम की राजनीति’ को लेकर बड़े पैमाने पर बिहार में समर्थन मिल रहा है। बड़ी संख्या में लोग पार्टी से जुड़ रहे हैं। 
 
उन्होंने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव में आरोप प्रत्यारोप की राजनीति से दूर दिल्ली के शिक्षा- स्वास्थ – उधोग- विकाश के मॉडल की बारे में बिहार की जनता को बताएंगे। अब बिहार में भी सकारात्मक राजनीति होगी, जात-धर्म जैसे भावनात्मक मुद्दों से उपर उठकर दिल्ली सरकार मॉडल के आधार पर पार्टी चुनाव लड़ेगी। सुशील सिंह ने कहा कि बिहार की वर्तमान सरकार समस्याओं के मकर जाल में फंसी हुई है। यहां की जनता त्राहिमाम कर रही है। अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। लूट, हत्या, बलात्कार की जघन्य वरदातें हो रही है।बेरोजगारी ऐसा जिसके कारण 90% युवाओं को अपना परिवार छोड़ कर रोजगार के तलाश में दूसरे राज्यों में पलायन करने पर विवश होना पड़ता है बिहार की जनता डर और संशय में जीने के लिए विवश है।

जनता से लेकर सरकारी मुलाजिम तक कर रहें हैं आंदोलन
सुुशील सिंह ने कहा कि नियोजित शिक्षक के साथ सरकार दोयम दर्जे का व्यवहार कर रही है।  समान काम के लिए समान वेतन व भत्ते की जायज मांग को लेकर लगातार आंदोलनरत है।आशा, आंगनवाड़ी सेविका, सहायिका रसोईया, पंचायतों के चुने गए जनप्रतिनिधियों के अंदर भारी असंतोष देखा जा रहे है। राज्य सरकार की सात निश्चय योजना पूरी तरह फेल है। अधिकांश सरकारी दफ्तर भ्रष्टाचार का अड्डा बना हुआ है। सूबे के अधिकांश सरकारी विद्यालयों में शौचालय नदारद है और बिजली का कनेक्शन तक नहीं है। सरकारी अस्पतालों की हालत चिंताजनक है। जांच उपकरण, जीवनरक्षक दवाओं का अभाव है। अत्यधिक वर्षापात होने से बिहार के विभिन्न नगर निकाय के मोहल्ले ,गांव टापू एवं झील में तब्दील हो जाता हैं। प्रतिवर्ष बाढ़ ,वर्षा एवं सुखार से उत्पन्न होने वाली स्थितियों से निपटने के लिए सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग के पास कोई ठोस योजना नही है।

प्रेस वार्ता में प्रदेश महासचिव राकेश यादव, प्रदेश उपाध्यक्ष मनोज कुमार, मुख्य प्रवक्ता डॉ शशिकांत, प्रदेश सचिव श्रीवत्स पुरुषोत्तम, प्रदेश मीडिया प्रभारी बबलू कुमार प्रकाश, सह मीडिया प्रभारी मृणाल राज मौजूद रहे।

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