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बिहार कांग्रेस में पिछड़े वर्ग के नेताओं की उपेक्षा को लेकर बगावत, पूर्व उपाध्यक्ष कैलाश पाल ने सभी पदों से दिया इस्तीफा

पटना (जागता हिंदुस्तान) देश की सबसे पुरानी राजनीतिके पार्टी कांग्रेस इस समय अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रही है। मध्यप्रदेश और राजस्थान के बाद बिहार कांग्रेस में भी आंतरिक कलह अब मुखर होने लगी है। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले महागठबंधन में शुरू हुई सियासी खींचतान चल ही रही थी कि अब बिहार कांग्रेस के भीतर भी बगावती सुर उठने लगे हैं। पिछड़े वर्ग के नेताओं ने पार्टी पर अपने समुदाया की उपेक्षा का गंभीर आरोप लगाया है। इसी क्रम में कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य और बिहार कांग्रेस के पूर्व उपाध्यक्ष कैलाश पाल ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है।

बिहार कांग्रेस से अपनी नाराजगी को लेकर जागता हिंदुस्तान से बातचीत करते हुए कैलाश पाल ने बताया कि बीते 8 जुलाई को हुई कार्यसमिति की बैठक में उन्होंने पिछड़ों की उपेक्षा का मुद्दा उठाना चाहा था लेकिन उन्हें बोलने से रोक दिया गया। इसके चलते उन्होंने ये फैसला लिया है। कैलाश पाल ने बताया कि यह सब बिहार कांग्रेस प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल की उपस्थिति में हुआ है। पाल ने कहा कि बिहार में कांग्रेस की जो स्थिती है, उसका बड़ा कारण पिछड़ों की उपेक्षा ही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी सोशल जस्टिस और सोशल इंजीनियरिंग नहीं करती है। पिछड़े और अति पिछड़े वर्ग की उपेक्षा करती है और ऊंची जाति पर फोकस करती है। एक तरफ गठबंधन करती है और दूसरी तरफ ऊंची जाति का वोट भी चाहती है, तो यह कैसे संभव है क्योंकि ऊंची जाति के वोटर तो कांग्रेस को पसंद ही नहीं करते।

इसके साथ ही कैलाश पाल ने बिहार कांग्रेस कमेटी के मौजूदा नेतृत्व पर भी बड़ा सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि इसमें भी एक तरफा निर्णय लेते हुए बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष पद समेत चार कार्यकारी अध्यक्ष पद में से दो पद ऊंची जाति के नेताओं को दे दी गई। राज्यसभा की सीट ऊंची जाति के नेता को दी गई। पिछली बार और इस बार भी विधान परिषद में ऊंची जाति के नेता को ही भेजा गया। यहां भी पिछड़े वर्ग की अनदेखी की गई। कैलाश पाल ने कहा कि ऐसी परिस्थिति में पार्टी कैसे मजबूत हो सकती है।

दूसरी तरफ कांग्रेस के एक अन्य वरिष्ठ नेता ने कहा कि 2015 विधानसभा चुनाव में मात्र 12 प्रतिशत टिकट ओबीसी वर्ग को दिए गए थे।

वहीं, बिहार कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय शंकर मिश्र ने कैलाश पाल के आरोपों को नकारते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी सभी समुदायों को साथ लेकर चलने में विश्वास रखती है।

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