जेएनएल कॉलेज के प्राचार्या पर गंभीर आरोप, छात्र संगठनों ने उग्र आंदोलन की दी चेतावनी
पटना । पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय की अंगीभूत इकाई जगत नारायण लाल महाविद्यालय खगौल के प्राँगण में अखण्ड भारत दिवस के नाम से आयोजित कार्यक्रम के आड़ में महाविद्यालय प्रशासन के द्वारा साजिश के तहत संघ के एजेंडे को लागू करने की मंशा जगजाहिर हो चुकी है। विगत 23 अगस्त 2023 को अखण्ड भारत दिवस के नाम से आयोजित कार्यक्रम में आरएसएस और भाजपा के इशारे पर बहुत चालाकी से गैर संवैधानिक संगठन बजरंग दल के नेताओं को बतौर अतिथि के रूप में आमंत्रित कर मंच से वक्ताओं द्वारा छात्र-छात्राओं को हिन्दू राष्ट्र बनाने का संकल्प लेने और हिन्दुओं को एकजुट करने की अपील करना बेहद शर्मनाक घटना है, विभिन्न छात्र संगठन के नेताओं ने इस घटना के खिलाफ अपनी प्रतिक्रिया देते हुए इसकी घोर निंदा की है।
छात्र नेता जन्मे जय कुमार ने कहा कि महाविद्यालय प्रशासन छात्रों के बेहतर भविष्य बनाने व सर्वांगीण विकास हेतु शैक्षणिक, सांस्कृतिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के ऊपर जोर देने के बजाय महाविद्यालय के संसाधनों का दुरुपयोग कर कैंपस के शैक्षणिक वातावरण को साम्प्रदायिक रंग में रँगने व धार्मिक उन्माद फैलाने की दिशा में अग्रसर होते दिख रहा है। इस प्रकार की गैर शैक्षणिक व सांस्कृतिक गतिविधियों से महाविद्यालय के छात्र-छात्रायें, शिक्षक व शिक्षकेतर कर्मचारी की भावनायें आहत हुई हैं, कैंपस में साम्प्रदायिक वातावरण को स्थापित करने के मंसूबे को कभी भी कामयाब नहीं होने देंगे।
आइसा नेता कुमार दिव्यम ने कहा कि इस घटना के खिलाफ सारे छात्र संगठन के लोग एकजुट होकर आर-पार की लडाई-लड़ने के लिए तैयार है। विश्वविद्यालय प्रशासन तत्काल प्रभाव से शीघ्र निर्देश जारी कर पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के सभी महाविद्यालयों में इस प्रकार की गतिविधियों पर अविलम्ब रोक लगाये ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और कैंपस के अंदर शैक्षणिक-सांस्कृतिक वातावरण को धूमिल होने से बचाया जा सके।
AISF नेता अमन कुमार लाल ने कहा कि AISF सहित अन्य छात्र संगठनों के नेताओं ने पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर इस घटना से अवगत करा शीघ्र इस मामले को संज्ञान में लेते हुए अविलम्ब जाँच कर उचित कानूनी कार्रवाई करने की माँग किया है, कार्रवाई नहीं होने पर संयुक्त छात्र संगठन के लोग चुप नहीं बैठेंगे, आगे आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन की रूप-रेखा अख्तियार करेंगे।
