तम्बाकू सेवन से होती हैं कई तरह की बीमारियां, नपुंसकता और बांझपन भी आता है- डाॅ. नवीन संचेती
पटना (जागता हिंदुस्तान) पारस एचएमआरआई सुपर स्पेशिलिटी हाॅस्पिटल, राजा बाजार, पटना के ऑन्को सर्जन डाॅ. नवीन संचेती ने कहा कि मुंह और गले का 90 प्रतिशत कैंसर तम्बाकू या तम्बाकू से बने पदार्थों के सेवन के कारण होता है। तम्बाकू से न सिर्फ मुंह और गले का कैंसर होता है बल्कि खाने की नली, फेफड़ों, पेशाब की थैली, किडनी तथा आंत का कैंसर भी होता हैं। बिहार में मुंह और गले के कैंसर के मरीज हर साल बढ़ रहे हैं। भारत में प्रतिवर्ष 16 लाख कैंसर के नये मामले सामने आते हैं जिसमें से 35 प्रतिशत यानी करीब पांच लाख मुंह और गले के कैंसर के नये मरीज रहते हैं। पहले पुरूषों में ही मुंह और गले का कैंसर होता था, लेकिन अब महिलाएं भी इसकी चपेट में आने लगी है। कैंसर के मरीजों की तुलना में देश और बिहार में इलाज के लिए हाॅस्पिटलों की संख्या नगण्य है, इसलिए ढेर सारे कैंसर के मरीज इलाज के अभाव में या देर से बीमारी की पहचान होने के कारण दम तोड़ देते हैं।
डाॅ. संचेती ने कहा कि महानगरों के कैंसर सेंटरों के समान ही पारस कैंसर सेंटर में भी इलाज और सुविधाएं मौजूद हैं। साथ ही महानगरों के सेंटरों में काम करने के अनुभव प्राप्त डाॅक्टर भी यहां पर मौजूद हैं। इसलिए अब बिहार-झारखंड उत्तर पूर्वी क्षेत्र के लोगों को कैंसर के इलाज के लिए बाहर जाने की जरूरत नहीं है। बाहर जाने पर मरीजों और परिजनों को ज्यादा आर्थिक बोझ वहन करना पड़ता है। पारस कैंसर सेंटर में बिहार-झारखंड के हर भाग से मरीज आते हैं। ये मरीज साधारणतया मध्यम और गरीब तबके के होते हैं और यहां तब पहुंचते हैं जब उनकी बीमारी तीसरे या चैथे स्टेज में पहुंच चुकी होती है। इन चरणों में बीमारी के इलाज पर खर्च भी ज्यादा होता है और बीमारी के ठीक होने की संभावना भी कम रहती है। हमारे सेंटर में एक छत के नीचे जांच से लेकर बीमारी के इलाज की सम्पूर्ण व्यवस्था है। सर्जरी, रेडिएशन तथा कीमोथेरेपी के लिए यहां विशेषज्ञ डाॅक्टर और प्रशिक्षित नर्स तथा पारा मेडिकल स्टाफ मौजूद है। यहां कैंसर की जांच के लिए PET/CT मशीन लगी है जो शरीर में कैंसर वाले भाग को चिन्हित करती है। यहां अमेरिकी/यूरोपीयन गाइडलाइन के मुताबिक मरीजों का इलाज किया जाता है। अभी हाल ही में पारस कैंसर सेन्टर ने कैंसर के मरीजों तथा उनके परिजनों को इलाज के दौरान आवास की निःशुल्क व्यवस्था की है।
कैंसर से बचने के लिए प्रतिदिन व्यायाम एवं योगा करें और खाने में हरी सब्जी, मौसमी फल इत्यादि का इस्तेमाल करें। इन बातों को ध्यान में रखकर कैंसर जैसी बीमारियों पर काबू पाया जा सकता है।
