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हार्ट अटैक के मरीजों का समय पर हो इलाज तो बचाई जा सकती है जिंदगी- डॉ. अभिषेक

ऽ बदलती जीवनशैली और शारीरिक श्रम न करने से बढ़ रही है हार्ट से जुड़ी बीमारियां

पटना (जागता हिंदुस्तान) हार्ट अटैक लक्षण दिखने के बाद जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचना चाहिए। अगर समय पर इलाज शुरू कर दिया जाता है तो हार्ट को नुकसान पहुंचने से बचाया जा सकता है। ईसीजी टेस्ट में कंफर्म होने के बाद हार्ट की बंद नली को 90 मिनट के अंदर खोलना जरूरी होता है ताकि हार्ट को कम से कम नुकसान पहुंचे। ये बातें मगध अस्पताल पटना के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ अभिषेक ने कही। ये बिहार के पहले कार्डियोलॉजिस्ट हैं जिन्हें इंटरवेंशनल कार्डियोलाॅजी में एमसीआई से मान्यता प्राप्त फेलोषिप मिली है। हार्ट अटैक से बचाव और जागरूकता के लिए उन्होंने इसको लेकर जानकारियां दीं। डॉ अभिषेक ने बताया कि सीने में अगर बायीं तरफ भारीपन के साथ दर्द हो और यह दर्द बायें कंधे और जबड़े तक जा रहा है। बैठने पर दर्द में आराम मिलता है लेकिन चलने पर बढ़ जा रहा और पसीना भी आ रहा तो यह हार्ट अटैक का लक्षण है।

अक्सर लोग हार्ट अटैक के दर्द को भी गैस का दर्द समझ कर नजरंदाज कर देते हैं जबकि ऐसा कोई भी दर्द हो तो डॉक्टर से जरूर सलाह लेनी चाहिए।

हार्ट अटैक के लक्षण दिखते ही तुरंत नजदीकी अस्पताल में जायें जहां इसका बेहतर इलाज उपलब्ध हो। अस्पताल पहुंचने से पूर्व इकोस्प्रिन टैबलेट 300 एमजी खिलाएं साथ ही सौर्बीट्रेट टैबलेट जीभ के नीचे रखें। इस दौरान एंजाइटी कंट्रोल करने की दवा भी दे सकते हैं। मरीज का मन शांत रखने की कोशिश करें ताकि वह घबराएं नहीं। ऐसा कर ही 25 प्रतिशत तक जान बचने की संभावना बढ़ जाती है। ये उपाय कर तुरंत अस्पताल पहुंचे। ईसीजी टेस्ट के बाद कंफर्म होता है कि हार्ट अटैक है कि नहीं। कंफर्म होते ही तुरंत इलाज शुरू करना जरूरी होता है।

डॉ अभिषेक ने बताया कि हार्ट अटैक का मुख्य कारण बदलती जीवनशैली और शारीरिक श्रम में कमी है। बदलती जीवनशैली के कारण ही पहले जहां 50 वर्ष के बाद हार्ट अटैक आते थे वहीं अब 30 वर्ष के युवा को भी यह समस्या हो रही है। हमारे हार्ट में तीन नली होती है और अगर ये बंद हो जाए तो हार्ट अटैक आता है।

हार्ट के मरीज एंजियोप्लास्टी, बायपास (ओपन हार्ट सर्जरी) के बाद भी सामान्य जीवन जी सकते हैं

उन्होंने बताया कि हार्ट की बीमारियों या हार्ट अटैक से बचने के लिए रोजाना कम से कम 30 से 40 मिनट व्यायाम करें। संतुलित जीवनशैली अपनाएं। बाहर का तला भुना खाना नहीं खाएं। जंक फूड या फास्ट फूड से परहेज करें। डायबिटीज, बीपी और कोलेस्ट्रॉल पर नियंत्रण रखें। स्मोकिंग और तंबाकू से दूर रहें। अगर हार्ट के मरीज हैं तो इन उपायों के साथ ही डॉक्टर की दी हुई दवाएं नियमित रूप से खाएं।

डॉ अभिषेक ने बताया कि मगध अस्पताल पटना में हार्ट से जुड़ी सभी तरह की जांच और इलाज एक ही छत के नीचे मौजूद है। मगध अस्पताल राज्य का सबसे पहला सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल है जो अब एक बार फिर से खुल चुका है। यहां गुणवत्तापूर्ण इलाज किफायती दर पर उपलब्ध है।

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