मजदूरों को घर भेजने के लिए पप्पू यादव का मजदूर संघर्ष मार्च, कहा- जारी रहेगी लड़ाई

पटना (जागता हिंदुस्तान) जन अधिकार पार्टी (लो) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और मधेपुरा के पूर्व सांसद पप्पू यादव के आह्वान पर मंगलवार को राज्य भर में सांकेतिक मार्च का आयोजन किया गया। इस मार्च का आयोजन लॉकडाउन के नियमों का पालन करते हुए किया गया। इस सांकेतिक मार्च का उद्देश्य दूसरे राज्यों में फंसे बिहार के मजदूरों को सकुशल बिहार लाने व उन पर हो रहे शोषण और अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाना था।

दिल्ली में पप्पू यादव के आह्वान पर हजारों बिहारी मजदूर सड़कों पर उतरे और सरकार द्वारा उन्हें घर भेजने का करने की मांग की। लोगों को संबोधित करते हुए जाप अध्यक्ष ने कहा कि, “जब तक हर मजदूर को उसके घर नहीं भेज दिया जाता तब तक हम यह लड़ाई जारी रखेंगे। अगर सरकार मजदूरों का रेल किराया नहीं दे सकती तो मैं दूंगा।”

आगे उन्होंने कहा कि, “मैं दिल्ली सरकार के साथ लगातार बात कर रहा हूं। आप सभी को घर भेजने के लिए मैं संघर्ष करता रहूंगा। कोरोना वायरस विदेश से आने वाले लोग लेकर आए और अब गरीबों और मजदूरों को भुगतना पड़ रहा हैं।”

जन अधिकार पार्टी (लो) के राष्ट्रीय महासचिव और मुख्य प्रवक्ता प्रेमचंद सिंह ने कहा कि, “राज्य सरकार जल्द से जल्द सभी मजदूरों को बिहार वापस लाए और उन्हें उनके घर भेजें। क्योंंकि बिहार में क्वारंटिन सेंटर्स के हालात बहुत खराब है। अगर मजदूरों को क्वारंटिन सेंटर में रखना हैं तो पहले उसकी स्थिति सुधारें।”

पार्टी के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव एजाज अहमद ने भी अपने आवास पर मजदूर संघर्ष मार्च के अंतर्गत प्रवासी मजदूरों के साथ अपनी एकता का परिचय देते हुए नीतीश सरकार से यह मांग की है कि, “अविलंब डबल इंजन की सरकार बिना देर किए मजदूरों को उनके घर तक पहुंचाने की व्यवस्था करें, क्योंकि आज मजदूर सबसे अधिक बदहाली और बेबसी में देखे जा रहे हैं। जबकि कोरोना वायरस जैसी गंभीर बीमारी अमीरों के द्वारा विदेशों से लाया गया है और इससे गरीबों और मजदूरों को अमानवीय प्रताड़ना तथा आर्थिक प्रताड़ना का शिकार होना पड़ रहा है । और हर दिन दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं तथा भुखमरी के कारण काल के गाल में समा रहे हैं ना तो इस ओर केंद्र सरकार गंभीर है और ना ही राज्य सरकार ही गंभीर है।”

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